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बलौदाबाजार में बड़ी कार्रवाई: रिश्वतखोर शाखा प्रबंधक सस्पेंड, कलेक्टर कुलदीप शर्मा के कड़े रुख से मचा हड़कंप

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बलौदाबाजार, 15 जून 2026:
भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए बलौदाबाजार जिला प्रशासन ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जिला सहकारी बैंक की एक शाखा प्रबंधक को राशि भुगतान के एवज में रिश्वत मांगने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के कड़े और कड़े निर्देशों के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया, जिससे पूरे बैंकिंग और प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।
​मृतक के नॉमिनी से मांगी थी ₹10,000 की घूस
​मामला जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की निपानिया शाखा का है। जानकारी के अनुसार, यहाँ की प्रभारी शाखा प्रबंधक अनिता पाण्डेय के खिलाफ कलेक्टर के ‘जन दर्शन’ कार्यक्रम में एक गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई थी।
​क्या था मामला?
एक मृतक खाताधारक के नॉमिनी (वारिस) का पैसा फंसा हुआ था। आरोप है कि प्रभारी शाखा प्रबंधक अनिता पाण्डेय ने इस राशि के भुगतान को पास करने के एवज में 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की थी। पीड़ित ने इसकी गुहार सीधे कलेक्टर से लगाई।
​जांच में सही पाए गए आरोप, गाज गिरना तय था
​कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत इसके खिलाफ एक्शन लिया। नोडल अधिकारी (जिला बलौदाबाजार-भाटापारा) को इस मामले की प्रारंभिक जांच सौंपे जाने के निर्देश दिए गए। जांच में प्रभारी शाखा प्रबंधक के ऊपर लगे सभी आरोप पूरी तरह प्रमाणित (सच) पाए गए, जिसके बाद निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।
​कड़ी कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
​तत्काल निलंबन: अनिता पाण्डेय को बैंक कर्मचारी सेवा नियम 60 (तीन) के तहत आदेश जारी होने की तिथि से ही तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
​मुख्यालय में बदलाव: निलंबन अवधि के दौरान उन्हें निपानिया शाखा से हटाकर नोडल कार्यालय महासमुंद में अटैच (संलग्न) किया गया है।
​आधे वेतन पर गुजारा: निलंबन की इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते के रूप में सिर्फ उनके वेतन की आधी राशि ही देय होगी।
​छुट्टी और मुख्यालय छोड़ने पर पाबंदी: इस दौरान उन्हें किसी भी प्रकार के अवकाश (Leave) की पात्रता नहीं होगी। साथ ही, वे सक्षम अधिकारी की लिखित अनुमति के बिना अपना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगी।
​प्रशासन का कड़ा संदेश
​इस त्वरित कार्रवाई से जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि आम जनता को परेशान करने वाले और भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। कलेक्टर कुलदीप शर्मा के इस फैसले की आम जनता के बीच काफी सराहना हो रही है।

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